प्रोजेक्ट्स

1.मोबाइल एप्प का शुभारम्भ

केन्द्र और राज्य की बहुत सी ऐसी योजनायें होती है जो जानकारी के आभाव में दिव्यांगजनों तक सही समय पर नही पहुँच पाती है। जिसके कारण  दिव्यांगजन उन योजनाओं का लाभ नही ले पाते हैं। संस्था ने इस समस्या का हल करने के लिए दिव्यांग एक उम्मीद के नाम से मोबाइल ऐप लांच किया। जिसमें सम्पूर्ण जानकारी एक प्लेटफार्म पर दिव्यांगजनों के लिए उपलब्ध है। अब वह घर बैठे हर योजनाओं के बारे में सही जानकारी स्वयं से ले सकते है। जिससे दिव्यांगजन अब आत्म निर्भर बन रहे है।
मोबाइल ऐप का बीटा वर्जन लांच यूपीएससी टॉपर 2014 ईरा सिंघल जी द्वारा किया गया । मोबाइल एप्प की कुछ विशेषताएं- 1. यूडीआईडी की जानकारी 2. पेंशन विभाग 3. वैवाहिक विभाग 4. परिवहन विभाग 5. IRCTC की जानकारी 6. व्हील चेयर एवं अन्य उपकरण की जानकारी 7. रोजगार खोजना


2.दिव्यांग डेटाबेस का डिजिटलीकरण

सीएम कार्यालय से पायलट प्रोजेक्ट की मंजूरी के साथ, दिव्यांग-जन को जारी किए गए चिकित्सा प्रमाणपत्रों के डिजिटलीकरण के लिए लखनऊ में कार्य किया गया जिसमें सम्बंधित विभाग के अधिकारी अमित राय जी के सहयोग से पूर्ण किया गया l WHO के रिपोर्ट के अनुसार, पूरे भारत वर्ष में 8 करोड़ से अधिक दिव्यांगजन है और उत्तर प्रदेश के अन्दर करीब 80 लाख दिव्यांगजनों का डेटा बेस है ।हमारा उद्देश्य दिव्यांगजनों का एक रियल डेटाबेस दिव्यांग साफ्टवेयर के माध्यम से बनाया गया। जिसमें लखनऊ जनपद के तीन साल का डेटा बेस (2016-2018) 7000 दिव्यांगों का डिजीटलीकरण किया गया। जो  दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग को इस डेटा बेस के माध्यम से योजनाओं को पहुंचाने के लिए एक आसान तरीका साबित हुआ l अब हमारा उद्देश्य पूरे प्रदेश के अन्दर इस साफ्टवेयर को लांच करना है जिससे हम यह आकड़ा प्रदेश  सरकार को जैसे दिव्यांगजनों की आर्थिक, सामाजिक स्थिति, शिक्षा और रोजगार की स्थिति की सही जानकारी विभाग को उपलब्ध हो सके। इससे विभाग को नयी स्कीम बनाने में आसानी होगी ।  जिससे प्रदेश के दिव्यांग आत्म निर्भर बनेंगे l

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